जामुन खाने के सबसे अच्छे फायदे और नुसकान

जामुन खाने के सबसे अच्छे फायदे और नुसकान

जामुन एक बहुत ही महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक हर्ब है। भारत पहले जम्बूद्वीप कहलाता था। एक ऐसा द्वीप जहाँ जम्बू पेड़ यानी जामुन के पेड़ प्रचुर मात्रा में है। जामुन का वानस्पतिक नाम सिजिगीयम क्युमिनी या यूजेनिया जांबोलाना या मिरटस क्युमिनी है। यह जंबुल के रूप में भी जाना जाता है।

आम का मौसम शुरू होते ही जामुन भी बाजार में आने लगता है। जामुन के बहुत से स्वास्थ्य लाभ है। जैसा की हम जानते है , जामुन गर्मियों के मौसम में आता है। इसके पीछे भी एक कारण है जामुन लू लग जाने पर उसे दूर करने में काफी मदद करता है। इसमें विटामिन बी और आयरन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसको खाने से कैंसर , मुँह के छाले आदि रोगों से छुटकारा मिलता है। अगर आपको रोग मुक्त होना है तो जामुन को नमक मिला कर खाइए।

जामुन खाने के फायदे


जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है। जामुन में लगभग वे सभी जरुरी लवण पाए जाते है जिनकी शऱीर को आवश्यकता होती है।

जामुन एक मौसमी फल है। खाने स्वादिष्ट होने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी है। जामुन अम्लीय प्रकृति का फल है पर यह स्वाद मीठा होता है। जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज शरीर को आवश्यकता होती है।

जामुन एक ऐसा फल है जिसे शुगर रोगी बिना किसी परेशानी के खा सकते है। जामुन रक्त में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करता है, जामुन के मौसम में इसके नियमित सेवन डायबटीज के मरीज को फायदा होता है। इससे मधुमेह मरीज को होने वाली समस्याएँ जैसे बार – बार प्यास लगना और बार – बार पेशाब होना आदि में भी लाभ मिलता है। इसलिए आप प्रतिदिन 200 ग्राम जामुन का सेवन करें। जामुन की गुठली बी;ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में बहुत अच्छी मानी जाती है। 100 ग्राम जामुन की गुठली लेकर इसे अच्छी तरह पीसकर कर पाउडर बनालें। रोज सुबह-शाम 3 ग्राम गुठली पाउडर का सेवन करें। इससे आपका मधुमेह जड़ से ख़त्म हो जाएगा।

  1. पाचन क्रिया के लिए जामुन बहुत फायदेमंद होता है। जामुन खाने से पेट से जुडी कई तरह की समस्याएं दूर हो जाती है।
  2. मधुमेह के रोगियों के लिए जामुन एक रामबाण उपाय है। जामुन के बीज सुखाकर पीस ले। इस पाउडर को खाने से मधुमेह में काफी फायदा होता है।
  3. मधुमेह के अलावा इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते है जो कैंसर से बचाव में कारगर होते है। इसके अलावा पथरी की रोकथाम में भी जामुन खाना फायदेमंद होता। है इसके बीज को बारीक़ पीसकर पानी या दही के साथ लेना चाहिए।
  4. अगर किसी को दस्त हो रहे जामुन को सेंधा नमक के साथ खाना फायदेमंद रहता है। खुनी दस्त होने पर भी जामुन के बीज बहुत फायदेमंद साबित होते है।
  5. दाँत और मसूड़ों से जुडी कई समस्याओं के समाधान में जामुन विशेषतौर पर फ़ायदेमंद होता है। इसके बीज को पीस लीजिए। इससे मंजन करने से दॉँत और मसूड़े स्वस्थ रहते है।
  6. जामुन त्वचा का रंग निखारने में भी बहुत लाभदायक माना जाता है। जिन लोगों कको सफ़ेद दाग है उनके लिए जामुन बहुत ही फायदेमंद होता है। जामुन का पेस्ट बना कर उसे अपने सफ़ेद दागों पर लगाए , इससे आपके दाग हलके पड़ने लगेंगे और थोड़े समय बाद हट जाएगे।
  7. अगर आपको लिवर की समस्या है तो जामुन का रस पिएँ। रोज सुबह-शाम जामुन के रस का सेवन करने से आपकी लिवर समस्या ख़त्म हो जाएगी।

जामुन के नुकसान

जैसे जामुन हमारे लिए फायदेमंद है वैसे ही इस का अधिक सेवन नुकसानदायक है। जामुन का पका हुआ फल अधिक खाने से पेट और फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। यह देर से पचता है, कफ बढ़ाता है , तथा फेफड़ों के विकार का कारण बनता है। इसको अधिक खाने से बुखार भी आने लगता। है इसमें नमक मिलाकर खाना चाहिए।

  1. दूध पिलाने वाली महिलाओं को जामुन का सेवन नहीं करना चाहिए।
  2. बहुत अधिक मात्रा में जामुन से खाँसी हो जाती है और यह फेफड़े के लिए हानिकारक साबित होती है।
  3. खाली पेट जामुन खाना ख़तरनाक होता है।
  4. जामुन खाने के तुरंत बाद कभी भी दूध नहीं पीना चाहिए।
  5. लगातार शरीर में सूजन बना हो या लगातार उल्टी की समस्या तो हो जामुन नहीं खाना चाहिए। अत्यधिक जामुन खाने से शरीर में दर्द और बुखार भी हो जाता है।
  6. जामुन के बीज , छाल और पत्तियों से बने उत्पादों का सेवन अधिक मात्रा में करने से यह डायबिटीज रोगियों में ब्लड शुगर लेवल को घटा सकता है जिससे उनकी दिक्कतें बढ़ सकती है।
  7. सर्जरी से कुछ दिन पहले और कुछ दिन बाद तक जामुन का सेवन नहीं करना चाहिए अन्यथा शरीर ब्लड शुगर का स्तर घट सकता है।

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